मिडिल ईस्ट में इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग आज चौथे दिन में प्रवेश कर गई है। क्षेत्रीय तनाव का असर अब दक्षिण एशिया तक दिखने लगा है। पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा कारणों से सभी वीज़ा अपॉइंटमेंट 6 मार्च तक रद्द कर दिए हैं। यह फैसला इस्लामाबाद, लाहौर और कराची -तीनों दफ्तरों पर लागू रहेगा।
रविवार को कराची स्थित अमेरिकी कांसुलेट के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुआ, जहां सुरक्षाकर्मियों की फायरिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत की खबर है। यह प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद भड़का, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल हमलों में मौत का दावा किया गया था।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकियों से मिडिल ईस्ट जल्द छोड़ने की अपील की है। व्हाइट हाउस में दिए बयान में ट्रम्प ने कहा कि ईरान पर “अभी सबसे बड़ा हमला बाकी है” और यह अभियान 4-5 हफ्ते या जरूरत पड़ने पर उससे ज्यादा समय तक चल सकता है।
ईरान में भारी जान-माल का नुकसान
अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में ही 2000 से अधिक बम गिराए गए। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं, जबकि 750 से ज्यादा घायल हैं। पहले दिन की बमबारी में खामेनेई की मौत का दावा किया गया था। उधर, रविवार को 3 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है।
ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया।
ईरान के सनंदज शहर में हमले में 2 लोगों की मौत।
कुवैत में एक अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश।
तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने प्रभावित इलाके का दौरा किया।
इजराइली सेना (IDF) ने तेहरान में रक्षा मुख्यालय समेत सरकारी इमारतों पर हमलों का फुटेज जारी किया।
जंग के बढ़ते दायरे और नागरिक हताहतों की संख्या ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है, जबकि कूटनीतिक और मानवीय प्रयास फिलहाल असरहीन नजर आ रहे हैं।