अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग आज छठे दिन और ज्यादा उग्र हो गई। इस बीच इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित बेद्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया। यह कैंप उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप माना जाता है।
उधर ईरान ने इजराइल और अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई, तो ईरान दक्षिणी इजराइल में स्थित डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के 100 घंटे पूरे होने पर एक वीडियो भी जारी किया है। हालात तब और गंभीर हो गए जब अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर श्रीलंका के पास हमला कर उसे डुबो दिया।
श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक, इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल जवानों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से इस युद्धपोत को निशाना बनाया।
यह युद्धपोत पिछले महीने विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। हमले के बाद से इलाके में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
वहीं, जंग से जुड़े अन्य घटनाक्रमों में तेहरान में जोरदार धमाके, ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होना और हजार से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि शामिल है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जता रहा है।