ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के गांव संगवाल में पंजाब सरकार की मां-बेटी सत्कार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र में चल रहे कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा केंद्र को बंद कराने और दूसरी जगह शिफ्ट करवाने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि विरोध करने वालों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं और सरकारी योजना के प्रचार-प्रसार में भी बाधा डाली जा रही है।
सीएम के पोस्टर फाड़ने और रंग-रोगन खराब करने का आरोप
गांव निवासी जसप्रीत सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में सरकार की योजना के तहत दीवारों पर रंग-रोगन और जागरूकता संबंधी कार्य करवाया जा रहा था। आरोप है कि कुछ शरारती तत्वों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पोस्टर फाड़ दिए और दीवारों पर किए गए रंग-रोगन को भी नुकसान पहुंचाया। मामले की शिकायत प्रशासन और एडीसी को दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज, कार्रवाई की मांग
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने दातार सिंह, नंबरदार जोरावर सिंह, रजेश कुमार समेत दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली लोगों से जुड़े होने के कारण जांच की रफ्तार धीमी है।
आंगनबाड़ी वर्करों को धमकियां मिलने का दावा
आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी वर्करों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें गांव से निकालने, नौकरी प्रभावित करने और दूर-दराज क्षेत्रों में तबादला करवाने जैसी धमकियां दी गई हैं। उनका दावा है कि विरोध करने वाले लोग केंद्र को गांव से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
20 सालों से अधिक समय से चल रहा है केंद्र
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गांव में यह आंगनबाड़ी केंद्र करीब दो दशक से अधिक समय से संचालित हो रहा है और इससे बच्चों तथा महिलाओं को लाभ मिल रहा है। उनका कहना है कि केंद्र को हटाने से बच्चों की शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्कार योजना के तहत शुरू हुए कार्यों के बाद ही विवाद खड़ा किया गया।
प्रशासन से मदद की गुहार
पीड़ित पक्ष ने कहा कि मामले में शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इसी कारण वे एक बार फिर प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत लेकर पहुंचे हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं को बाधित करने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने वालों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।