ख़बरिस्तान नेटवर्क : सुप्रीम कोर्ट ने पेड पीरियड्स लीव को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती है। इसलिए उन्होंने इस याचिका को खारिज कर दिया है।
ऐसी याचिकाएं हीन दिखाने के लिए
CJI ने सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है। यह उनका पॉजिटिव राइट है, लेकिन उस नियोक्तता के बारे में सोचिए जिसे पेड लीव देनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर चिंता भी जताई
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान मेंस्ट्रुअल लीव को जरूरी बनाने के संभावित सामाजिक परिणामों के बारे में चिंता जाहिर की। इसके साथ ही याचिकाकर्ता के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस मामले को लेकर खुद कोई महिला कोर्ट में नहीं आई है।