मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 11वां दिन है। हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इसी बीच ईरान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नई शर्त
ईरान ने कहा कि कुछ देशों के जहाजों को ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने दिया जाएगा। इसके लिए उन देशों को पहले अपने यहां से अमेरिका और इजराइल के राजदूतों को निकालना होगा।
- दुनिया के 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है। हर साल करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। अगर यहां आवाजाही रुकी तो पूरी दुनिया के ऑयल मार्केट पर असर पड़ सकता है।
- सिक्योरिटी टैक्स लगाने की तैयारी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर सिक्योरिटी टैक्स (सुरक्षा शुल्क) लगाने की योजना बना रहा है, खासकर अमेरिका के सहयोगी देशों के जहाजों पर।
- ईरान का कड़ा बयान
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि ईरान अभी युद्धविराम नहीं चाहता और हमलावर देशों को ऐसा जवाब दिया जाएगा कि वे दोबारा हमला करने की हिम्मत न करें।
- मिसाइल और ड्रोन हमले जारी
ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। बहरीन की सरकारी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया।इजराइल पर 1 टन वॉरहेड वाली मिसाइलें दागी गईं।अमेरिकी नेवी ने फारस की खाड़ी में तीन ईरानी जहाजों पर हमला किया।
युद्ध के बीच ईरान में रह रहे हजारों अफगान नागरिक देश छोड़कर वापस अफगानिस्तान लौट रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक हर दिन करीब 2,000 लोग सीमा पार कर रहे हैं।
- दुनिया में तेल संकट की चेतावनी
सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रुकी तो दुनिया के ऑयल मार्केट में बड़ा संकट आ सकता है।