पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार (17 जून) को राज्य के 16 जिलों में गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।
राज्य के अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस आनंदपुर साहिब में रिकॉर्ड किया गया।
जून में सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 16 जून 2026 तक पंजाब में औसतन 20.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 20.6 मिमी के मुकाबले 2 प्रतिशत कम है। मंगलवार को राज्य में औसतन 4.0 मिमी बारिश हुई, जबकि सबसे ज्यादा 8.5 मिमी बारिश पठानकोट में रिकॉर्ड की गई।
नवांशहर में सामान्य से 93 प्रतिशत अधिक और तरनतारन में 112 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं, बरनाला में सामान्य से 78 प्रतिशत कम और होशियारपुर में 61 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
बारिश और गर्मी का असर
बारिश और मौसम में बदलाव के बीच पंजाब में बिजली की मांग 12,251 मेगावाट तक पहुंच गई। दूसरी ओर, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी के चलते भाखड़ा डैम के पीछे स्थित गोबिंद सागर झील का जलस्तर बढ़कर 1573.56 फीट पहुंच गया, जिसके बाद डैम से 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
18 जून से सक्रिय होगा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 18 जून से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिससे 22 जून तक पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।