पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मर्दान शहर स्थित एक गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालु दंपति की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से सिख समुदाय में गहरा आक्रोश है। मृतकों की पहचान जगन्नाथ और बीबी असमा वंती के रूप में हुई है, जो गुरुद्वारा साहिब में सेवा कर रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया।
इस घटना की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल के भीतर निर्दोष लोगों की हत्या मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध है। यह घटना पाकिस्तान में सिखों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
धामी ने पाकिस्तान सरकार से मांग की कि इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने मृतक दंपति के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।