पंजाब सरकार ने ट्रैफिक नियमों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब रैश ड्राइविंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और अंडरएज ड्राइविंग के मामलों को नॉन-कंपाउंडेबल श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इन मामलों में चालान का भुगतान मौके पर या आरटीओ कार्यालय में नहीं हो सकेगा। अब ऐसे मामलों का फैसला केवल कोर्ट में होगा।
सरकार के नए आदेश के अनुसार, नियम तोड़ने वालों को कोर्ट में पेश होना होगा, जहां मजिस्ट्रेट जुर्माना या कानूनी सजा का फैसला करेंगे। गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।
पहले इन मामलों में जुर्माना भरकर चालान मौके पर ही निपटाया जा सकता था, लेकिन अब पुलिस या परिवहन विभाग के पास ऐसा अधिकार नहीं होगा।
सरकार का कहना है कि रैश ड्राइविंग, नशे में वाहन चलाने, अंडरएज ड्राइविंग और सड़क पर खतरनाक स्टंट की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
नए नियम के तहत
रैश ड्राइविंग पर पहली बार 6 महीने से 1 साल तक की जेल या ₹1,000 से ₹5,000 तक जुर्माना हो सकता है।ड्रिंक एंड ड्राइव पर पहली बार 6 महीने तक की जेल और ₹10,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
अंडरएज ड्राइविंग के मामले में माता-पिता या वाहन मालिक पर ₹25,000 जुर्माना, 3 साल तक की जेल, वाहन की RC एक साल के लिए रद्द और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 वर्ष की उम्र तक नहीं बन सकेगा।राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह आदेश पूरे पंजाब में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।