ख़बरिस्तान नेटवर्क : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में इन दिनों श्री अकाल तख्त साहिब और मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर चर्चा का माहौल है। सांपला ने कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” वाली कहावत इस पूरे घटनाक्रम पर लागू होती है और आम आदमी पार्टी सरकार का अंत निकट दिखाई दे रहा है।
वायरल वीडियो विवाद पर उठाए सवाल
विजय सांपला ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कथित वायरल वीडियो को लेकर उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया था। उनके अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि वीडियो एआई तकनीक से बनाई गई है। सांपला ने कहा कि बाद में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच करवाई गई, जिनकी रिपोर्ट में वीडियो को एआई जनरेटेड नहीं बताया गया।
‘पहले ही माफी मांग लेते तो मामला खत्म हो जाता’
भाजपा नेता ने कहा कि जब मुख्यमंत्री को पहली बार श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने का अवसर मिला था, तब उन्हें अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे श्री अकाल तख्त साहिब के आगे झुकना पड़ा है। यदि मुख्यमंत्री उस समय माफी मांग लेते तो विवाद वहीं समाप्त हो सकता था।
पंजाब पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल
सांपला ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पंजाब पुलिस निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय राजनीतिक प्रभाव में काम करती दिखाई दी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के एक होटल से जुड़े वीडियो और उसके बाद की घटनाओं ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बजाय राजनीतिक नेतृत्व को खुश करने में लगे हुए हैं।
रिपोर्ट और जांच को लेकर लगाए आरोप
विजय सांपला ने कहा कि जिस रिपोर्ट के आधार पर वीडियो को एआई जनरेटेड नहीं बताया गया, उसे लेकर भी अब विवाद सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट तैयार करने वाले व्यक्ति ने स्वयं उसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए हैं। सांपला ने पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
पंजाब की राजनीति में बढ़ा सियासी घमासान
मुख्यमंत्री भगवंत मान के वायरल वीडियो विवाद को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। एक ओर आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री का बचाव कर रही है, वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।