ख़बरिस्तान नेटवर्क : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित ‘मास्क वाली वीडियो’ को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री का दावा है कि वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं था, तो फिर गुरुग्राम जाकर कथित तौर पर लाखों रुपये खर्च करने और होटल में कमरे बुक कराने की जरूरत क्यों पड़ी।
वीडियो की जांच को लेकर उठाए सवाल
कुलवंत सिंह मन्नण ने कहा कि यदि वीडियो फर्जी थी तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को जिस तरह संभालने की कोशिश की गई, उससे कई सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का पक्ष अब संदेह के घेरे में है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
श्री अकाल तख्त साहिब में दी गई सलाह का किया जिक्र
SGPC मुख्य सचिव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख्त साहिब में पेश हुए थे, तब उन्हें अपनी पसंद की किसी भी फॉरेंसिक लैब से वीडियो की जांच करवाने की सलाह दी गई थी ताकि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। अगर उस समय जांच कराने पर सहमति थी तो बाद में जांच क्यों नहीं करवाई गई और अब जांच रिपोर्ट पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
भगवंत मान और हरपाल चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कुलवंत सिंह मन्नण ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि अधिकारियों को गुरुग्राम भेजा गया था तो उसके पीछे के उद्देश्य की भी जांच हो। उन्होंने दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
गुरु की शरण में आने की अपील
मन्नण ने कहा कि गुरु के दरबार और श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वे गुरु की शरण में आकर सच्चाई स्वीकार करें। अगर ऐसा नहीं होता तो मामले में कानूनी कार्रवाई कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।