ख़बरिस्तान नेटवर्क : कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने जबरन वसूली और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी के अनुसार अब तक 81 लोगों को कनाडा से निष्कासित (डिपोर्ट) किया जा चुका है, जबकि 139 अन्य लोगों के खिलाफ निष्कासन की प्रक्रिया जारी है। 18 जून 2026 तक कुल 484 इमिग्रेशन जांच शुरू की गईं और 139 निष्कासन आदेश जारी किए गए हैं।
सार्वजनिक मामलों में दो दर्जन से अधिक भारतीय नागरिक शामिल
CBSA ने राष्ट्रीयता के आधार पर आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आए मामलों में दो दर्जन से अधिक भारतीय नागरिकों की पहचान हुई है। एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि डिपोर्ट किए गए सभी 81 लोग भारतीय हैं, बल्कि केवल कुल कार्रवाई के आंकड़े साझा किए हैं।
ब्रिटिश कोलंबिया और टोरंटो में सबसे ज्यादा कार्रवाई
ब्रिटिश कोलंबिया के मेट्रो वैंकूवर और सरे क्षेत्र में 150 जांच शुरू की गईं, जिनमें 69 निष्कासन आदेश जारी हुए और 46 लोगों को देश से निकाला गया। वहीं ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में 196 जांच के बाद 33 निष्कासन आदेश जारी किए गए और 17 लोगों को डिपोर्ट किया गया। कैलगरी और एडमंटन क्षेत्रों में 138 मामलों की जांच के बाद 37 निष्कासन आदेश जारी हुए, जबकि 18 लोगों को देश से बाहर भेजा गया।
कनाडा सरकार ने अपराधियों को दी सख्त चेतावनी
कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी ने कहा कि सरकार कानून लागू करने वाली एजेंसियों को और मजबूत बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग अपराध में शामिल हैं और जिन्हें कनाडा में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, उन्हें देश से बाहर किया जाएगा। उनके अनुसार अगस्त 2025 में शुरू हुआ यह अभियान अब उन सभी प्रमुख शहरों तक पहुंच चुका है, जहां रंगदारी और गैंग हिंसा गंभीर समस्या बनी हुई थी।
कैलगरी और सरे में भारतीय मूल के लोगों पर कार्रवाई
कैलगरी पुलिस सर्विस के अनुसार रंगदारी से जुड़े मामलों में भारतीय मूल के 16 लोगों पर कुल 56 आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। वहीं सरे पुलिस ने 11 जून को एक घर पर हुई फायरिंग के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 21 वर्षीय अरमान सिंह और 22 वर्षीय सिमरजीत सिंह पर लापरवाही से गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों विदेशी नागरिक हैं और इस मामले में CBSA भी जांच में शामिल है। गिरफ्तार किए गए अन्य दो लोगों को फिलहाल आपराधिक आरोप नहीं लगाए गए हैं, लेकिन वे CBSA की हिरासत में हैं।