खबरिस्तान नेटवर्क: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के इस दौर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर जरुर हमला किया लेकिन उसका कोई खास असर नहीं हुआ। वहीं खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप पर दिखावे की राजनीति करने का भी आरोप लगाया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने गुरुवार को एक सार्वजनिक सभा में कहा कि – ट्रंप ने हमला किया क्योंकि उन्हें शो ऑफ की जरुरत थी लेकिन सच्चाई ये है कि हमारे परमाणु कार्यक्रम पर इसका कोई बड़ा असर नहीं हुआ है।
The US President stated, “Iran must surrender.” Needless to say, this statement is too big to come out of the US president’s mouth.
— Khamenei.ir (@khamenei_ir) June 26, 2025
कुछ स्थानों पर हुआ मामूली नुकसान
यह बयान उस समय आया जब अमेरिका और इजराइल ने हाल ही में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों नतंज, फोर्डो और इस्फहान पर हवाई हमला किया है हालांकि ट्रंप ने इसको इतिहास का सबसे सटीक हमला बताया था लेकिन खामेनेई ने इस प्रचार और राजनीतिक स्टंट कहा है। ईरानी सरकार के प्रवक्ताओं और सैन्य अधिकारियों ने हमले के बाद कहा है कि कुछ स्थलों पर मामूली नुकसान हुआ है। सभी संवेदनशील सुविधाएं समय रहते ही बचा ली गई थी। ईरान का परमाणु कार्यक्रम पहले जैसे ही गति से चलेगा। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, हमलों से उत्पादन कुछ हफ्तों या महीनों के लिए धीमा हुआ हो सकता है लेकिन परमाणु ढांचा बरकरार है।
My congratulations on our dear Iran’s victory over the US regime. The US regime entered the war directly because it felt that if it didn’t, the Zionist regime would be completely destroyed. It entered the war in an effort to save that regime but achieved nothing.
— Khamenei.ir (@khamenei_ir) June 26, 2025
इसलिए किया ईरान पर हमला
अमेरिका ने ईरान पर हमला भी किया क्योंकि ट्रंप को शो ऑफ की जरुरत थी लेकिन सच्चाई तो ये है कि हमारे परमाणु कार्यक्रम पर इसका कोई बड़ा असर नहीं हुआ है। परमाणु ठिकानों को नुकसान जरुर हुआ लेकिन इरादे नहीं टूटे। खामेनेई का इशारा अमेरिकी चुनावी राजनीति की ओर था। उन्होंने कहा ट्रंप ने यह हमला करके सिर्फ अपनी छवि को ही मजबूत करने की कोशिश की है। अमेरिकी की साख गिर चुकी है और उन्हें दुनिया को दिखाना था कि वो अभी भी ताकतवर हैं।
अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान
विशेषज्ञों की मानें तो ट्रंप अब यह दिखाना चाहते थे कि ईरान को झुकाया जा सकता है लेकिन खामेनेई का बयान इस कोशिश को सार्वजनिक तौर पर खारिज ही करता है। पंजाब केसरी में छपी खबर के अनुसार, The Atlantic और Reuters जैसे मीडिया हाउसेज ने अपने विश्लेषण में लिखा है कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम की “स्पाइन” अब भी जस की तस है। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा था, “Fordow अब नहीं रहा” लेकिन सेटेलाइट इमेजेज में इसके ऑपरेशनल हिस्से अब भी दिखाई दे रहे हैं। खामेनेई के बयान से यह साफ होता है कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा नहीं। यह टकराव सिर्फ मिसाइलों का नहीं बल्कि राजनीतिक आत्मबल और वैश्विक छवि का भी है।