ख़बरिस्तान नेटवर्क : पाकिस्तान के दक्षिणी राज्य सिंध में चोलिस्तान नहर परियोजना का काफी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जो पाक आर्मी समर्थित ग्रीन पाकिस्तान इनिशिएटिव का हिस्सा है। सिंध और पंजाब के बीच जल बंटवारे के विवाद के बढ़ने के साथ कई जिलों में हिंसक खबरें सामने आई हैं। जिसमें पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
इस कारण हो रहा है विरोध प्रदर्शन
सिंध में चल रहे प्रदर्शनों के कारण 7000+ लदे हुए ट्रक निर्यात सामग्रियों के साथ फंसी हुई हैं।
असल में पाकिस्तानी सेना ने सिंध प्रदेश को जो सिंधु नदी का पानी मिलता है उसको रोक करके पंजाब प्रांत के चौलिस्तान में छह कैनाल के द्वारा भेजने की प्लानिंग थी
जहां पर पाकिस्तान की सेना… pic.twitter.com/jy5AYqrMWs
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) April 28, 2025
इस परियोजना का लक्ष्य 6 प्रमुख नहरों (सिंधु से पांच और भारत द्वारा नियंत्रित सतलुज से एक) के माध्यम से रेगिस्तानी भूमि की सिंचाई करना है। जिस कारण सिंध में बड़े स्तर पर लोगों में गुस्सा फैल गया। क्योंकि सिंधु नदी पहले से ही सूख रही है। तर्क यह दिया जा रहा है कि इस कदम के कारण क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है।
पुलिस और प्रदर्शनकारी आए आमने-सामने
इस परियोजना के विरोध के चलते कराची और कंधकोट में हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने सड़कें जाम करने पर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। जिस कारण प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। जिसमें कई पुलिस अधिकारी और प्रदर्शनकारी चोटिल हो गए।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी और उन पर पथराव भी किया। जिसके जवाब में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठी-डंडे का इस्तेमाल किया। जिस वजह से पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया गया।
इसी साल किया गया था परियोजना का उद्घाटन
बताते चलें कि इस परियोजना का उद्घाटन इसी साल फरवरी के महीने में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियन नवाज और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने किया था। इसे पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान में 4.8 मिलियन एकड़ बंजर भूमि की सिंचाई के लिए 3.3 बिलियन डॉलर की योजना को जनता के बीच लाया गया था।