ख़बरिस्तान नेटवर्क : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में बीती 26 जून को फारूखाबाद में भू-माफिया और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से 125 साल पुराने ऐतिहासिक ‘सिंह सभा गुरुद्वारे’ के एक हिस्से को ढहा दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के खिलाफ सिखों में गुस्सा
गुरुद्वारे के विध्वंस की सूचना मिलते ही स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया। सिख संगत ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इस विनाशकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया, जिसके दबाव में आकर फिलहाल प्रशासन को काम रुकवाना पड़ा। फिलहाल इस स्थल को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है और वहां किसी भी प्रकार की नई निर्माण गतिविधि या तोड़फोड़ पर रोक लगा दी गई है।
शिकायत के बाद भी नहीं उठाए गए कदम
समुदाय का आरोप है कि उस समय भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन इवैक्युएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसके कारण आज यह स्थिति पैदा हुई है।