ख़बरिस्तान नेटवर्क : यूरोप इस समय हाल के वर्षों की सबसे भीषण हीटवेव का सामना कर रहा है। रिकॉर्डतोड़ तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भीषण गर्मी के चलते जहां फ्रांस में पिछले 24 घंटों के दौरान 109 लोगों की मौत दर्ज की गई, वहीं जर्मनी के लाइपज़िग शहर में अत्यधिक तापमान के कारण ट्राम सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और शहरी बुनियादी ढांचे पर साफ दिखाई दे रहा है।
फ्रांस में अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
फ्रांस में गर्मी जानलेवा साबित हो रही है। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 109 लोगों की मौत दर्ज की गई है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर मंडरा रहा है। सरकार ने लोगों से दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और कमजोर वर्गों की विशेष देखभाल करने की अपील की है।
जर्मनी में पिघला ट्राम नेटवर्क, सेवाएं निलंबित
जर्मनी के लाइपज़िग शहर में अत्यधिक गर्मी के कारण ट्राम पटरियों और स्विचों के आसपास लगी सीलिंग सामग्री तथा डामर पिघलने लगे। इसके चलते ट्राम का संचालन असुरक्षित हो गया और एहतियात के तौर पर शहर की पूरी ट्राम सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। प्रशासन ने बस सेवाओं को जारी रखने की कोशिश की है, लेकिन कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन पर भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में हीटवेव की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक तीव्र और लंबी होती जा रही हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऐसी चरम मौसम की घटनाएं और भी गंभीर रूप ले सकती हैं, जिसके लिए सरकारों और लोगों को पहले से अधिक तैयार रहने की आवश्यकता होगी।