ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में दोआबा किसान-मज़दूर संघर्ष कमेटी ने लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के ऑफिस का घेराव कर धरना दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि धान (झोना) की फसल के महत्वपूर्ण समय में लगातार लग रहे पावर कट के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है और खेती के अन्य कार्य भी समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
‘बिजली कटौती से खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी’
धरने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए किसान-मज़दूर संघर्ष कमेटी के नेताओं ने कहा कि झोने की फसल का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि समय पर बिजली नहीं मिलने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि पंजाब में बिजली की कोई कटौती नहीं होगी, लेकिन मौजूदा हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। उनका आरोप है कि किसान ही नहीं, बल्कि आम लोग भी लगातार पावर कट से परेशान हैं। जब तक वे धरने पर नहीं बैठे थे, तब तक बिजली की भारी समस्या बनी हुई थी, लेकिन प्रदर्शन शुरू होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।
किसानों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और बिजली विभाग ने जल्द ही बिजली आपूर्ति को लेकर स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं की, तो आने वाले दिनों में किसान व्यापक स्तर पर संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से धान की फसल के मौसम को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।