पंजाब के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे का फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है। वह पिछले करीब छह महीने से रेलवे अधिकारियों पर रौब झाड़ रहा था और VIP ट्रीटमेंट के साथ एसी कोच में मुफ्त यात्रा कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक आरोपी खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर जांच करता था। हाल ही में जालंधर कैंट स्टेशन पर उसकी संदिग्ध गतिविधियों से रेलवे कर्मचारियों को शक हुआ, जिसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने जब उससे आधिकारिक रेलवे आईडी कार्ड मांगा तो वह कोई वैध पहचान पत्र नहीं दिखा सका। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जावेद अली पहले भी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर ठगी के मामले में पकड़ा जा चुका है। इस बार वह अमृतसर से VIP ट्रीटमेंट लेते हुए जालंधर पहुंचा था और एसी कोच में मुफ्त यात्रा करने की तैयारी में था।
फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को रेलवे का अधिकारी या विजिलेंस इंस्पेक्टर बताता है, तो उसकी पहचान जरूर जांचें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत RPF या स्टेशन मास्टर को सूचना दें।