ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। लुधियाना से सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बनाए रखने के फैसले के बाद कई वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की चर्चा तेज हो गई है। इससे पार्टी के भीतर गुटबाजी और बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
रंधावा दिल्ली पहुंचे, अमित शाह से मुलाकात की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस हाईकमान के फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं। इसी बीच वह चुपचाप दिल्ली पहुंचे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हो सकती है। हालांकि इस संबंध में रंधावा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की बजाय कांग्रेस की कोर कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
चन्नी ने मोरिंडा स्थित आवास पर बुलाई इमरजेंसी बैठक
प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज बताए जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। बैठक में तीन सांसदों, 12 विधायकों तथा करीब 40 पूर्व विधायकों और वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
कई वरिष्ठ नेता पहुंचे, नेताओं के आने का सिलसिला जारी
चन्नी की बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पहुंच चुके हैं। इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत सिंह कोटली, पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक, पूर्व विधायक गुरप्रीत सिंह कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, लखबीर सिंह लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदनलाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों और कमलजीत कड़वल सहित कई वरिष्ठ नेता बैठक में पहुंच चुके हैं। बैठक में नेताओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। बैठक के नतीजों और वरिष्ठ नेताओं के अगले कदम पर अब प्रदेश की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।