ख़बरिस्तान नेटवर्क : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर एक अहम कदम उठाते हुए शनिवार को 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। सरकार के अनुसार, इन सभी का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और जमात-उद-दावा (JuD) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से है। इन संगठनों पर लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
भर्ती से लेकर फंडिंग और घुसपैठ तक में भूमिका का आरोप
सरकारी जानकारी के मुताबिक, घोषित किए गए लोगों पर आतंकियों की भर्ती कराने, भारत में घुसपैठ की साजिश रचने, आतंकी हमलों की योजना बनाने, आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, हथियार उपलब्ध कराने और अन्य प्रकार की मदद करने के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये सभी विभिन्न स्तरों पर आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े हैं अधिकांश नाम
सूची में शामिल 23 लोगों में 11 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी बताए गए हैं, जबकि 12 पाकिस्तान से जुड़े हैं। इनमें से सात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और चार पाकिस्तान में रह रहे हैं। सरकार का कहना है कि इनकी गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थीं।
आतंकियों की घोषित सूची अब 80 तक पहुंची
इन नए नामों को शामिल किए जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा घोषित आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, सूची में शामिल कुछ जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों का नाम वर्ष 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले और वर्ष 2022 के सुनजवां हमले की जांच में भी सामने आया था। सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।