अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग तेज़ी से पिघलकर अब लगभग एक फीट का रह गया है। 23 मई को इसकी ऊंचाई करीब 7 फीट थी, जबकि पहली पूजा के दिन 29 जून को यह 5 फीट से अधिक था। बढ़ते तापमान के कारण हिम शिवलिंग का आकार लगातार कम हुआ है।
3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की यात्रा
हालांकि, हिम शिवलिंग के पिघलने के बावजूद अमरनाथ यात्रा पहले की तरह जारी है। 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की यात्रा के पहले तीन दिनों में 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
प्रशासन ने बताया है कि 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट भर चुके हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी और उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा।
हिम शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनता
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ का हिम शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनता है और इसका आकार हर साल मौसम, तापमान और पानी की उपलब्धता के अनुसार बदलता रहता है।