ख़बरिस्तान नेटवर्क : कुल्ले वाली सरकार बाबा सोमनाथ से जुड़े विवाद को लेकर गायक रितु नूरां और मंगी खान का मामला लगातार गरमाया हुआ है। हालांकि दोनों कलाकार अन्य संतों के समक्ष जाकर सार्वजनिक रूप से खेद जता चुके हैं और उन्होंने कहा है कि इस मामले में अंतिम फैसला ईश्वर पर छोड़ते हैं। इसके बावजूद संगत का एक वर्ग इस रुख से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि विवाद जिस पक्ष से हुआ, माफी भी उसी के समक्ष मांगी जानी चाहिए थी। इसी मांग को लेकर रविवार को फगवाड़ा में थाने के बाहर स्थित पुल के नीचे धरना दिया गया।
आधे घंटे का अल्टीमेटम, फिर बंद कर दिया GT रोड
प्रदर्शन के दौरान संगत ने पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए करीब आधे घंटे का समय दिया। जब निर्धारित समय में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो प्रदर्शनकारियों ने जीटी रोड को दोनों दिशाओं से बंद कर दिया। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एडवोकेट ने विवाद की बताई पूरी पृष्ठभूमि
मामले पर जानकारी देते हुए एडवोकेट अमित शर्मा ने बताया कि 9 तारीख को आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में मंगी खान ने एक ऐसा कलाम प्रस्तुत किया, जिस पर धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आपत्ति जताई गई थी। उनके अनुसार, उस समय मौजूद महापुरुषों ने मंगी खान को समझाया, जिसके बाद उन्होंने बात मान ली थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि 24 तारीख को एक अन्य कार्यक्रम में मंगी खान ने फिर वही कलाम प्रस्तुत किया। इस दौरान महापुरुषों ने उन्हें दोबारा रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने प्रस्तुति जारी रखी। बाद में कार्यक्रम आयोजकों ने उन्हें मंच से नीचे उतार दिया।
रितु नूरां पर FIR दर्ज करने की मांग
एडवोकेट अमित शर्मा का कहना है कि रितु नूरां का मूल विवाद उस कलाम से नहीं था, लेकिन बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कुल्ले वाली सरकार के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसी आधार पर उन्होंने रितु नूरां के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में ही प्रदर्शनकारियों ने जीटी रोड जाम किया। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर यातायात सामान्य कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।