ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब कांग्रेस में सबकुछ सामान्य होने के दावों के बावजूद पार्टी की अंदरूनी खींचतान खत्म होती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और अन्य वरिष्ठ नेता लगातार एकजुटता का संदेश दे रहे हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर पार्टी के भीतर जारी गुटबाजी की चर्चाओं को हवा दे दी है। सोमवार को पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल अपने पांच दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत तो जोरदार हुआ, लेकिन इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट नदारद रहा।
मोहाली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
भूपेश बघेल के मोहाली एयरपोर्ट पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस मौके पर मौजूद रहे। हालांकि स्वागत कार्यक्रम में चन्नी गुट के प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
चन्नी गुट ने बनाई दूरी, दिल्ली रवाना हुए नेता
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इस गुट के प्रतिनिधि पार्टी हाईकमान से मुलाकात करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वे पंजाब कांग्रेस से जुड़े संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर शीर्ष नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।
अंदरूनी कलह पर फिर उठे सवाल
भूपेश बघेल के दौरे के दौरान चन्नी गुट की गैरमौजूदगी और दिल्ली रवाना होने की खबर ने साफ संकेत दिए हैं कि पंजाब कांग्रेस में मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अब सभी की नजरें पार्टी हाईकमान और आगामी बैठकों पर टिकी हैं, जिनसे पंजाब कांग्रेस की भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।