अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है। यात्रा शुरू हुए अभी सिर्फ पांच दिन हुए हैं, लेकिन बढ़ते तापमान के कारण हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से यात्रा रोकने संबंधी कोई घोषणा नहीं की गई है और श्रद्धालुओं के दर्शन पहले की तरह जारी हैं।
3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा के पहले चार दिनों में करीब 86 हजार श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। पांचवें दिन यह संख्या 1 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है। इस वर्ष यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
23 मई को जारी तस्वीरों में प्राकृतिक हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी, जबकि 29 जून को पहली पूजा के समय यह 5 फीट से अधिक थी। 6 जुलाई को सामने आई तस्वीरों में हिमलिंग लगभग 90 प्रतिशत तक पिघला हुआ दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ का हिम शिवलिंग किसी इंसान द्वारा नहीं बनाया जाता। यह गुफा की छत से टपकने वाले पानी के जमने से प्राकृतिक रूप से बनने वाली बर्फ की संरचना है, जिसका आकार हर साल मौसम और तापमान के अनुसार बदलता रहता है।
अमरनाथ यात्रा फिलहाल दोनों मार्गों 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से सामान्य रूप से जारी है। यात्रा 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।