पंजाब में बढ़ते डॉग बाइट मामलों को देखते हुए आज यानी 22 मई से राज्य सरकार ने खूंखार और जानलेवा लावारिस कुत्तों के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू करने का ऐलान किया है। Bhagwant Mann ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि पंजाब सरकार बच्चों और आम लोगों की जान के लिए खतरा बने आवारा कुत्तों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
सीएम मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे लावारिस कुत्तों को पकड़ने और नियंत्रण करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
इससे पहले 10 मार्च 2026 को Punjab State Human Rights Commission ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब के नगर निगमों और स्वास्थ्य विभाग से डॉग बाइट मामलों पर रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने पंजाबी ट्रिब्यून में प्रकाशित आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि 2025 में 3.34 लाख डॉग बाइट केस बेहद चिंताजनक हैं और आवारा कुत्ते अब सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह ने जालंधर, लुधियाना, पटियाला और संगरूर नगर निगमों समेत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। आयोग ने यह भी कहा था कि अगर सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए तो सरकार पर 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का आर्थिक बोझ पड़ सकता है। अकेले संगरूर में ही करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में पिछले 5 सालों में डॉग बाइट के मामले तीन गुना तक बढ़ गए हैं। साल 2020 में 1.10 लाख मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर रिकॉर्ड 3.34 लाख तक पहुंच गए। वहीं 2026 के शुरुआती 5 महीनों में ही 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।