कपूरथला: नगर निगम मेयर चुनाव से ठीक एक दिन पहले कपूरथला में कांग्रेस से जुड़े नेताओं और पार्षदों के प्रतिष्ठानों पर विभिन्न विभागों की कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मंगलवार शाम ड्रग कंट्रोलर विभाग और नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जांच और कार्रवाई की, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे सत्ता पक्ष की दबाव की राजनीति करार दिया।
ड्रग कंट्रोलर विभाग की टीम ने कांग्रेस पार्षद ज्योति धीर के पति डॉ. राजीव धीर के क्लीनिक पर पहुंचकर दवाइयों और दस्तावेजों की जांच की। वहीं कांग्रेस पार्षद नेहा आहूजा के पति विशाल आहूजा के न्यू आहूजा स्वीट्स पर नगर निगम की टीम ने कथित अवैध निर्माण का हवाला देते हुए सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी।
विरोध के दौरान माहौल उस समय और गर्म हो गया, जब कांग्रेस नेता एडवोकेट चंद्रशेखर और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बहस के दौरान “चलो बाहर… Get Out… एडवोकेट चंद्रशेखर है मेरा नाम… जाओ, जो कार्रवाई करनी है करो…” जैसे शब्द भी सुनाई दिए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही।
प्रतिष्ठान संचालक विशाल आहूजा ने दावा किया कि उन्हें 6 जुलाई को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने का समय दिया गया था, लेकिन समय सीमा पूरी होने से पहले ही सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध बताया।
मेयर चुनाव से ठीक पहले हुई इन कार्रवाइयों ने शहर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश है, जबकि संबंधित विभागों का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।