ख़बरिस्तान नेटवर्क : वो कहते हैं न कि भगवान के घर देर है, पर अंधेर नहीं। जब वह देगा तो छप्पर फाड़ के ही देगा। जी, हां यह कहावत पंजाब के गुरचरण के ऊपर बिल्कुल सटीक बैठती है। क्योंकि नवांशहर के गुरचरण सिंह पिछले 40 साल से लॉटरी खरीद रहे हैं। पर उनकी किस्मत अब ऐसी चमकी कि डेढ़ करोड़ रुपए की लॉटरी का पहला ईनाम निकला। अब वे रातों-रात ही करोड़पति बन गए हैं।
बेटे के नाम से खरीदी लॉटरी टिकट
दरअसल गुरचरण सिंह हर साल लॉटरी टिकट खरीदते थे और उनके छोटे-छोटे ईनाम निकलते थे। पर इस बार गुरचरण ने अपने बेटे के नाम से लॉटरी की टिकट खरीदी। जैसे ही उन्हें पता लगा कि उनकी डेढ़ करोड़ रुपए की लॉटरी निकली है तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।
4 दशकों का इंतजार हुआ खत्म
लॉटरी विजेता गुरचरण सिंह ने बताया कि वह पेशे से एक पेंटिंग आर्टिस्ट हैं और कई सालों से भगवती जागरणों में पूरी श्रद्धा के साथ तबला बजाते आ रहे हैं। मुझे खुद पर और अपनी किस्मत पर पूरा भरोसा था। 40 साल से मैं टिकट खरीद रहा था कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। आज मेरे बेटे के नाम पर लगी इस लॉटरी ने मेरे चार दशकों के इंतजार को एक सुखद अंत दे दिया है।