ख़बरिस्तान नेटवर्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO समिट के दौरान ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम समझौता अब प्रभावी नहीं रहा और अमेरिका फिलहाल तेहरान के साथ किसी नई डील की दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहता। ट्रम्प ने साफ किया कि यदि ईरान की ओर से कोई हमला होता है तो अमेरिका उसका जवाब पूरी ताकत से देगा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर साधा निशाना
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया और खतरनाक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की। उनके अनुसार अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगियों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
अपने संबोधन में ट्रम्प ने NATO सहयोगी देशों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ईरान जैसे देश के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गठबंधन के कई देशों ने अमेरिका का अपेक्षित समर्थन नहीं किया। ट्रम्प ने इस मुद्दे पर NATO की भूमिका पर सवाल उठाए।
80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई का दावा
इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी थी कि ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। हालांकि इन दावों पर ईरान की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आई है और क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।