पंजाब में मानसून की एंट्री को एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अब तक उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है। इससे राज्य में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। हालांकि अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य से 2.9 डिग्री नीचे चल रहा है। फरीदकोट में सबसे अधिक 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पंजाब के कई हिस्सों में बारिश की संभावना
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 9 से 11 जुलाई तक पंजाब के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। खासकर पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, चंडीगढ़ में भी बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं।
उधर, हिमाचल प्रदेश में भी 12 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, सिरमौर और शिमला जिलों में भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मंडी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी है।
गर्मी और उमस के चलते पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 15,405 मेगावाट पहुंच गई है। राज्य अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त बिजली राष्ट्रीय ग्रिड से ले रहा है।वहीं, भाखड़ा और पोंग बांध में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। अधिकारियों के अनुसार दोनों बांधों की स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है।
मौसम विभाग का कहना है कि 10 जुलाई के बाद मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ सकती हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बने रहने की उम्मीद है।