ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के गदईपुर इलाके में बारिश से पहले ही नहर का बांध टूटने से कॉलोनियों में पानी घुस गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंच गए तथा राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
मिट्टी की बोरियों और क्रेन की मदद से रोका गया पानी
पानी के बहाव को रोकने के लिए लोगों ने मिट्टी से भरी बोरियों की सहायता से अस्थायी बांध तैयार किया। वहीं, क्रेन मशीनों की मदद से भी टूटे हिस्से को बंद करने और नहर की मरम्मत का काम शुरू किया गया। राज्य के अन्य जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण नहरों में जलस्तर बढ़ गया था, जिससे पानी ओवरफ्लो होने पर बांध टूट गया।
घरों तक नहीं पहुंचा पानी, टला नुकसान
राहत की बात यह रही कि पानी कॉलोनियों तक तो पहुंचा, लेकिन लोगों के घरों में प्रवेश नहीं कर सका। यदि पानी घरों में घुस जाता तो भारी नुकसान हो सकता था। हालांकि कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कॉलोनियों में बड़ी मात्रा में पानी भरा दिखाई दे रहा है।
देर रात टूटे बांध, सुबह तक काबू
स्थानीय निवासी देसराज ने बताया कि रात करीब 11 बजे उन्हें नहर का बांध टूटने की सूचना मिली, जिसके बाद लोगों के सहयोग से राहत कार्य शुरू किया गया। देर रात दो स्थानों पर बांध टूटने से पानी कॉलोनियों में घुस गया था, लेकिन पूरी रात प्रयास कर स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया।
2 जगहों पर टूटा था बांध
वहीं सलेमपुर निवासी और क्रेन मशीन मालिक मोनू ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के चलते उनकी मशीन मौके पर मौजूद थी। सूचना मिलते ही उन्होंने क्रेन की मदद से मिट्टी डालकर टूटे हुए हिस्सों पर नया बांध बनाने का कार्य शुरू किया। उनके अनुसार दो स्थानों पर बांध टूटा था, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है और पानी का बहाव नियंत्रित कर लिया गया है।