खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले जत्थे को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने नई जानकारी साझा की है।एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने बताया कि इस बार विसाखी जत्थे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। पहले जत्था 12 अप्रैल को रवाना होकर 21 अप्रैल को लौटने वाला था, लेकिन अब नया शेड्यूल तय किया गया है। इसके अनुसार श्रद्धालु 10 अप्रैल को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे और 19 अप्रैल को वापस लौटेंगे।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के लिए 1860 पासपोर्ट भेजे गए हैं और उम्मीद है कि करीब 1800 श्रद्धालुओं को वीजा मिल जाएगा। महिलाओं के जत्थे में शामिल होने को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। हर श्रद्धालु, चाहे महिला हो या पुरुष, गुरुधामों के दर्शन के लिए स्वतंत्र है।
हालांकि, सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सलाह दी गई है कि महिलाएं यात्रा के दौरान अपने साथ किसी परिवारिक सदस्य या साथी को रखें, ताकि सफर के दौरान देखभाल आसान हो सके।
एसजीपीसी ने कहा कि जत्थे के साथ यात्रा करने से श्रद्धालुओं को आपसी सहयोग और सुरक्षा का लाभ मिलता है, और कमेटी का मुख्य उद्देश्य सभी यात्रियों की सुविधा और देखभाल सुनिश्चित करना है।