ख़बरिस्तान नेटवर्क : ब्रिटेन में ग्रेजुएट वीजा पर रह रहे करीब एक लाख भारतीय दंपतियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ब्रिटेन के होम ऑफिस ने वीजा नियमों में बदलाव करते हुए ग्रेजुएट या पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा धारकों के ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के लिए डिपेंडेंट वीजा का रास्ता साफ कर दिया है।
नए नियमों के तहत यदि ग्रेजुएट या पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा पर रह रही महिला ब्रिटेन में बच्चे को जन्म देती है, तो माता-पिता अपने बच्चे की ओर से डिपेंडेंट वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
ब्रिटेन में जन्मे बच्चों को मिलेगा कानूनी दर्जा
इससे पहले ब्रिटेन में जन्म लेने वाले ऐसे बच्चों के कानूनी स्टेटस को लेकर माता-पिता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बच्चे का लीगल स्टेटस स्पष्ट नहीं होने के कारण विदेश यात्रा के दौरान भी दिक्कतें आती थीं। नए नियम लागू होने के बाद बच्चों को जन्म के बाद कानूनी पहचान मिल सकेगी। बच्चे को माता-पिता की मौजूदा इमिग्रेशन अनुमति के आधार पर वैध दर्जा दिया जा सकेगा। यह बदलाव 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश किया गया था और 3 अगस्त 2026 से लागू होगा।
PSW वीजा की अवधि 2 साल से घटकर होगी 18 महीने
ब्रिटेन सरकार ने पोस्ट-स्टडी वर्क (PSW) वीजा को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। 1 जनवरी 2027 से बैचलर्स और मास्टर्स डिग्री धारकों के लिए PSW वीजा की अवधि 2 साल से घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। हालांकि, पीएचडी या डॉक्टरल डिग्री पूरी करने वाले छात्रों को पहले की तरह पढ़ाई के बाद 3 साल तक ब्रिटेन में रहने की अनुमति मिलती रहेगी।
31 दिसंबर तक आवेदन करने वालों को मिलेगा पुराना लाभ
जो छात्र 31 दिसंबर 2026 तक ग्रेजुएट वीजा के लिए आवेदन कर देंगे, उन्हें पुराने नियमों का फायदा मिलेगा। ऐसे छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद 2 साल तक ब्रिटेन में रहकर काम कर सकेंगे। नए नियम 1 जनवरी 2027 से आवेदन करने वाले बैचलर्स और मास्टर्स डिग्री धारकों पर लागू होंगे।