चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। वही अब तक 105 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। बढ़ती गर्मी और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते यात्रियों की जान जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 104 मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं, जबकि एक श्रद्धालु की मौत प्राकृतिक आपदा में हुई।
सबसे ज्यादा 50 मौतें केदारनाथ में
सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं। यहां अब तक 50 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। इसके अलावा बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15 और गंगोत्री-गौमुख क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हुई है। बीते 24 घंटों में भी देवप्रयाग में महाराष्ट्र के दो श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे चारधाम
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 अप्रैल से अब तक 23 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। केदारनाथ में 9 लाख से ज्यादा, बद्रीनाथ में 6.42 लाख, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री में 4-4 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अब तक यात्रा के लिए 42 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन भी हो चुके हैं।
हाई एल्टीट्यूड और पुरानी बीमारियां बन रहीं वजह
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यात्रा मार्ग ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरता है, जहां ऑक्सीजन की कमी और कठिन चढ़ाई के कारण बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की तबीयत तेजी से बिगड़ रही है। हार्ट अटैक और सांस संबंधी समस्याएं मौतों की बड़ी वजह बन रही हैं।
सरकार की एडवाइजरी के बावजूद बढ़ी चिंता
यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने स्वास्थ्य जांच और सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की थी। हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और दिल के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा कि कई यात्री अति उत्साह में शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं।