ख़बरिस्तान नेटवर्क : उत्तर प्रदेश से कांग्रेस सांसद और पार्टी के SC विभाग के चेयरमैन तनुज पुनिया आज जालंधर के सर्किट हाउस पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका सहित पार्टी के कई अन्य नेता मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत करते हुए तनुज पुनिया ने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा 30-40 सालों से धर्म के नाम पर कर रही राजनीति- पुनिया
तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले 30 से 40 वर्षों से धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा मंदिर बनाती है, चंदा इकट्ठा करती है और बाद में उस चंदे का कोई हिसाब नहीं मिलता। विश्व हिंदू परिषद ने करीब 1400 करोड़ रुपए इकट्ठा किए थे, लेकिन उस रकम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि चंदे से जुड़े मामलों की सही तरीके से जांच होनी चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर लोगों की भावनाएं आहत- पुनिया
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के मामले से लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने भाजपा पर इस मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वह इसी मुद्दे को लेकर आज जालंधर पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
‘इतना बड़ा घोटाला बिना संरक्षण के संभव नहीं’
पुनिया ने आरोप लगाया कि इतना बड़ा कथित घोटाला किसी संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है और मामले के तार केंद्र तक जुड़े दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और ध्वज पूजन सहित कई धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पुनिया के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट में भी सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। ऐसे में जांच के दौरान मामले के तार जहां तक पहुंचें, वहां तक कार्रवाई होनी चाहिए।
चन्नी-वड़िंग विवाद पर बोले- पार्टी में सब कुछ ठीक
पंजाब कांग्रेस में सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच कथित विवाद को लेकर तनुज पुनिया ने कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले को बेवजह तूल दे रहा है। यह चुनाव और संगठन से जुड़ी बैठक है। पार्टी में इस तरह की बैठकें होती रहती हैं और आगे भी जारी रहेंगी।