जालंधर शहर के नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को संयुक्त बातचीत और सहमति के बाद समाप्त कर दिया गया। हड़ताल खत्म करवाने में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, जालंधर सेंट्रल के हलका इंचार्ज नितिन कोहली, मेयर वनीत धीर और पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल की अहम भूमिका रही।
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को विस्तार से सुना गया तथा उनके जल्द समाधान का भरोसा दिया गया। लंबे विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी, जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया।
मेयर वनीत धीर ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर निगम की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी जायज मांगों को हमेशा गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का समाधान निकाला गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर निगम आगे भी कर्मचारियों के अधिकारों और लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर काम करता रहेगा।
नितिन कोहली ने कहा कि पंजाब सरकार हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बातचीत के जरिए समाधान निकालना सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होने से शहर की सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू हो जाएगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शहरहित को देखते हुए उन्होंने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना गया है और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर निगम व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
वहीं सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने भी बातचीत के बाद संतोष जताया और कहा कि उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासनों पर जल्द अमल होगा। कर्मचारियों ने कहा कि शहरवासियों को हो रही परेशानियों को देखते हुए आपसी सहमति से हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया है।इस मौके पर अजय यादव, राज कुमार राजू, मनीष बाबा, सन्नी साहोता, सन्नी सेठी, बंटू सभरवाल और मिठू सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।