1 जून 2026 से देशभर में कई बड़े फाइनेंशियल और रोजमर्रा से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। एलपीजी सिलेंडर, यूपीआई पेमेंट, बैंकिंग, एटीएम ट्रांजेक्शन और पेट्रोल-डीजल की कीमतों समेत कई अहम बदलाव लागू होने की संभावना है। ऐसे में लोगों के लिए पहले से इन नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी हो गया है।
सबसे बड़ा बदलाव यूपीआई पेमेंट में
सबसे बड़ा बदलाव यूपीआई पेमेंट सिस्टम में देखने को मिलेगा। ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए NPCI नया “वेरिफाइड नेम” सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके तहत पैसे भेजते समय अब केवल बैंक में रजिस्टर्ड असली नाम ही दिखाई देगा। इससे फर्जी नाम और निकनेम के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव
एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव संभव है। मई महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अब 1 जून को तेल कंपनियां नए रेट जारी करेंगी, जिसके बाद घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव हो सकता है।
कई राज्यों में ट्रेनें रद्द
रेलवे भी जून में बड़ा ट्रैक अपग्रेड ब्लॉक लेने जा रहा है। इसके चलते कई राज्यों में 77 ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि कई ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव किया गया है। यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।
पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब बैंक में एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर पैन कार्ड जरूरी नहीं होगा। हालांकि प्रॉपर्टी डील, गिफ्ट डीड और बड़े वित्तीय लेन-देन में पैन अनिवार्य रहेगा। पुराने फॉर्म 60 की जगह नया फॉर्म 97 लागू किया जाएगा।
सरकार 1 जून से सोलर सेक्टर में भी नए ALMM नियम लागू करने जा रही है। अब सरकारी सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में केवल प्रमाणित सोलर सेल और मॉड्यूल का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे सोलर पैनल की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन घरेलू निर्माण और क्वालिटी को बढ़ावा मिलेगा।
बैंकिंग और एटीएम नियमों में भी बदलाव की संभावना है। मुफ्त एटीएम ट्रांजेक्शन लिमिट और चार्जेस में फेरबदल हो सकता है। इसके अलावा कुछ बैंकों ने डेली कैश लिमिट भी बदल दी है। वहीं RBI की आगामी बैठक के बाद FD ब्याज दरों और EMI पर भी असर पड़ सकता है।
इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच 1 जून को नए रेट लागू हो सकते हैं, जिससे आम लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है।