ख़बरिस्तान नेटवर्क : भारत भी अब लंबी जंग की तैयारी कर रहा है। क्योंकि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद तेजी से अपना डिफेंस पैटर्न बदला है। भारत ने पिछले 14 महीनों में रिकॉर्ड प्रस्तावों को मंजूर किया है। जिससे यह साफ होता है कि भारत अब जवाबी कार्रवाई के लिए ही नहीं बल्कि लंबी लड़ाई के लिए भी खुद को तैयार कर रहा है।
9.80 लाख करोड़ की डिफेंस डील हुई
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ऑपरेशन सिंदूर के बाद 55 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनकी कुल कीमत 9.80 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बताई जा रही है। हालांकि यह रकम एक साथ खर्च नहीं होगी, बल्कि यह अलग-अलग डील, निर्माण कार्यों और आधुनिकीकरण योजनाओं पर खर्च की जाएगी। नए प्रस्ताव में लक्ष्य महीनों तक हथियार, मरम्मत में तेजी और रसद बनाए रखना है।
भारत क्यों कर रहा है यह तैयारी
दरअसल इसकी पहली और मुख्य वजह यह है कि मौजूदा हालात में जंग लगना आम बात हो गई है। दुनिया के हर कोने में कोई न कोई जंग लग रही है। दूसरी वजह यह है कि जंग लगने के बाद इसे रोकना आसान नहीं होता। वहीं तीसरी वजह यह है कि जंग के दौरान दूसरे देश की कोशिश होती है कि वह इसे ज्यादा से ज्यादा देर जारी रखे ताकि आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
इस कारण बदली भारत की सोच
रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया के लंबे संघर्षों ने भारत की सैन्य सोच बदली है। हालांकि, पनडुब्बियों, पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में देरी अब भी बड़ी चुनौती है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस, आकाश, लॉयटरिंग म्युनिशन और नेत्र जैसे भारतीय हथियारों के इस्तेमाल के बाद दुनिया में इनकी मांग तेजी से बढ़ी है।