जालंधर के बस्ती मिट्ठू इलाके में रिहायशी क्षेत्र के बीच बने पेट्रोल पंप को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले पेट्रोल पंप की पाइप में आग लगने की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बीते दिनों तीसरी बार आग लगने की घटना सामने आई, जिससे लोगों में भारी रोष फैल गया। इसी के विरोध में आज बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि घनी आबादी के बीच स्थित यह पेट्रोल पंप किसी “जिंदा बम” से कम नहीं है। उनका आरोप है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे पूरे इलाके की जान खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर पेट्रोल पंप को बंद नहीं किया गया तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गुरसेवक सिंह बिट्टू ने बताया कि पिछली आग की घटना के दौरान लपटें इतनी भयानक थीं कि पूरी बस्ती में अफरा-तफरी मच गई थी। हादसे में आग बुझाने की कोशिश कर रहा एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। लोगों का दावा है कि पेट्रोल पंप के नीचे 10-10 हजार लीटर क्षमता वाले कई तेल टैंक दबे हुए हैं। ऐसे में बड़ा हादसा होने पर पूरी बस्ती मिट्ठू तबाह हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल पंप पर सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वहां आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद नहीं हैं और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या हिंदुस्तान पेट्रोलियम के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए गए हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पंप कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग तक नहीं दी गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने घने रिहायशी इलाके में पेट्रोल पंप की एनओसी मिलना ही नियमों के खिलाफ है। लोगों ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान मिलीभगत और पैसों के दम पर इस पंप को अवैध तरीके से चलाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक पेट्रोल पंप मालिक वैध एनओसी और अन्य दस्तावेज पेश नहीं करता, तब तक पंप को तुरंत सील किया जाए।