पंजाब और चंडीगढ़ में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। पठानकोट में सुबह-सुबह ओलावृष्टि के बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं चंडीगढ़ में बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई। मोहाली, जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश हुई, जबकि अमृतसर में सुबह से चल रही आंधी के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूट गईं। हल्की बूंदाबांदी का दौर भी जारी रहा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 2 से 3 घंटों के लिए चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला समेत पंजाब के 13 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रभावित जिलों में फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, रूपनगर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, तरनतारन, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, गुरदासपुर और पठानकोट शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पंजाब स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने अगले 24 घंटों के दौरान अमृतसर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों से 112 पर संपर्क करने की अपील की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि 4 जून तक प्रदेश में हीटवेव पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
इस बीच पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार को बिजली की खपत 12,487 मेगावाट दर्ज की गई। इसमें 6,911 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी गई, जबकि 5,551 मेगावाट उत्पादन राज्य के अपने स्रोतों से हुआ। लगातार बढ़ती गर्मी के चलते पिछले कई दिनों से बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट के आसपास बनी हुई है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पंजाब सरकार ने स्कूलों में 2 जून से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। इससे पहले सरकारी कार्यालयों का समय भी बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कर दिया गया था।
उधर, मानसून अभी भी केरल तट के पास पिछले पांच दिनों से रुका हुआ है। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि 25 जून तक मानसून पंजाब पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस वर्ष पंजाब में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। राज्य में मानसून के दौरान औसत वर्षा का लगभग 90 प्रतिशत ही रिकॉर्ड होने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसूनी हवाओं की गति और बारिश का पैटर्न प्रभावित हो सकता है। इसका असर विशेष रूप से लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर जैसे जिलों में देखने को मिल सकता है, जहां सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर जैसे शिवालिक क्षेत्र के नजदीकी जिलों में सामान्य के आसपास बारिश होने का अनुमान है।मौसम विभाग के अनुसार 31 मई को पठानकोट, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि 1 और 2 जून को फिलहाल किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं है और मौसम सामान्य रहने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।