प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। यहां वह अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ₹125 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किए गए जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोहाली (एसएएस नगर), श्री मुक्तसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से भी करेंगे।
यह कार्यक्रम भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देशभर में एक साथ 261 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को जनता को समर्पित किया जाएगा। इन स्टेशनों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, इतिहास और वास्तुकला को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
जालंधर कैंट स्टेशन में क्या-क्या बदला?
करीब 110 साल पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन को पूरी तरह नया स्वरूप दिया गया है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें शामिल हैं—
डबल हाइट एयर कॉनकोर्स (Double Height Air Concourse)
विशाल और आधुनिक स्टेशन भवन
दोनों ओर से स्टेशन में प्रवेश की सुविधा
दो नए फुट ओवर ब्रिज (FOB)
आधुनिक प्रतीक्षालय
लिफ्ट और एस्केलेटर
चौड़े और उन्नत प्लेटफॉर्म
एलईडी लाइटिंग
डिजिटल सूचना डिस्प्ले सिस्टम
फूड कोर्ट और रिटेल दुकानें
बड़ा पार्किंग क्षेत्र और पिक-अप/ड्रॉप-ऑफ ज़ोन
दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर पहुंच (Accessibility)
ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल (ग्रीन) स्टेशन डिजाइन
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह पंजाब के रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। उनके अनुसार, इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित, यात्री-अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है, ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।