लुधियाना: शहर से एक महीने के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पंजाब महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की चेयरपर्सन राजलाली गिल ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि किसी वरिष्ठ अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और 8 जून तक जांच रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए। आयोग ने पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001 की धारा 12 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए इस मामले में सुओ-मोटो नोटिस जारी किया है।
आयोग ने कहा कि पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में एक ही शहर से कम समय में 9 लड़कियों का लापता होना कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिसकी गहन जांच जरूरी है।
एक महीने में सामने आए प्रमुख मामले
जमालपुर क्षेत्र से 27 मई को तीन नाबालिग ममेरी-चचेरी बहनें एक साथ लापता हो गई थीं। पुलिस ने दो लड़कियों को सुरक्षित ट्रेस कर लिया है।
सराभा नगर क्षेत्र से 16 साल की घरेलू कामगार लड़की 24 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई।
सलेम टाबरी इलाके की 18 साल की युवती 27 अप्रैल को घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी।
इसके अलावा शहर के विभिन्न थानों में चार अन्य लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज हैं।
वहीं, लुधियाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को भ्रामक बताते हुए कहा है कि मई महीने में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के केवल 10 मामले दर्ज हुए हैं और हर शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार जमालपुर से लापता हुई तीनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जबकि अन्य मामलों में भी टीमें लगातार जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि चाहे मामला अपहरण का हो या स्वेच्छा से घर छोड़ने का, हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी लड़कियों को सुरक्षित तलाशने के प्रयास जारी हैं।