मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अब राशन की दुकानों के साथ-साथ चुनिंदा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। नए फैसले के तहत हर जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुने जाएंगे, जहां केरोसिन का स्टोरेज और वितरण किया जा सकेगा। इन पंपों पर 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखने की अनुमति दी गई है।
सरकार ने सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में भी ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर ईंधन पहुंच सके।
नियमों में मिली राहत:
केरोसिन एजेंट और डीलरों को लाइसेंस से अस्थायी छूट
टैंकर से सप्लाई के नियम आसान किए गए
पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर और वितरण की अनुमति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य है और कहीं भी कमी नहीं है।
हालांकि कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई, जिस पर सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर खरीदारी न करें।
LPG और गैस सप्लाई अपडेट
घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य
रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवरी
94% बुकिंग ऑनलाइन
CNG और PNG की 100% सप्लाई जारी
सरकार ने राज्यों को 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन भी आवंटित किया है। साथ ही LPG की मांग कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके अलावा सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि औद्योगिक और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत का 80% गैस सप्लाई दी जा रही है।