ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब सरकार की 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में राज्य के 14 निजी अस्पतालों पर सरकारी योजना के तहत गंभीर गड़बड़ियां करने के आरोप सामने आए हैं। इनमें जालंधर का सर्वोदय अस्पताल भी शामिल है। सरकार ने इन सभी अस्पतालों को योजना के पैनल से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जांच में कई अस्पताल सरकारी योजना के नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। आरोप है कि मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने के बावजूद मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूले गए। इतना ही नहीं, कुछ अस्पतालों ने फर्जी मरीज भर्ती दिखाकर सरकारी योजना के तहत गलत तरीके से भुगतान भी हासिल किया।
घोटाले में शामिल अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार का कहना है कि जिन अस्पतालों के खिलाफ अनियमितताओं के पर्याप्त सबूत मिले हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण ईलाज उपलब्ध कराना था, लेकिन कुछ अस्पतालों ने इसका दुरुपयोग कर सरकारी धन का गलत लाभ उठाने का प्रयास किया।
पहले भी विवादों में रहा अस्पताल
जालंधर का सर्वोदय अस्पताल पहले भी कथित किडनी ट्रांसप्लांट मामले को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। अब स्वास्थ्य बीमा योजना में कथित घोटाले के सामने आने के बाद संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।