ख़बरिस्तान नेटवर्क : NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का असर अब पंजाब में भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को जालंधर में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों और कई सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
छात्रों के समर्थन में उतरे सामाजिक संगठन
प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट नईम खान ने कहा कि उनका प्रदर्शन दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मंत्री के इस्तीफे की मांग उठती है तो इससे सरकार नहीं गिरती। उनके अनुसार, पिछले कई वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं और इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को स्वयं इस्तीफा देना चाहिए था।
सरकार पर लगाए सवाल
नईम खान ने कहा कि पहले भी विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में मंत्री नैतिक आधार पर इस्तीफा देते रहे हैं, लेकिन इस मामले में केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री का बचाव कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और सरकार को इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
पीएम के बयान का भी किया जिक्र
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने संबंधी बयान का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।