राहुल गांधी ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन NEET पेपर लीक मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना ही होगा और उनका सिर्फ मंत्रालय बदलना स्वीकार नहीं होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी भारत के अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से लड़ नहीं सकता।”प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के साथ लेफ्ट छात्र संगठन AISA की तीन छात्राएं भी मौजूद थीं, जिन्होंने जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।
राहुल ने दोहराईं तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और इनमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए।
छात्रों पर कार्रवाई करने वाले दिल्ली पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों पर हुए कथित हमले के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
राहुल ने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इन युवाओं पर गर्व है और यही देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
एक दिन पहले भी किया था सरकार पर हमला
24 जुलाई को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को “क्रिमिनल शिक्षा मंत्री” बताते हुए कहा था कि वे देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन चुके हैं और उन्हें पद छोड़ना चाहिए।
उस दौरान राहुल गांधी अपने साथ घायल छात्र साहिल लोचाब को भी लेकर आए थे। उन्होंने मीडिया के सामने साहिल के हाथ, पीठ और सीने पर लगी चोटें दिखाते हुए दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हुआ।