ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के Apeejay College के बाहर शनिवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब एक छात्रा और उसके परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर थर्ड ईयर में एडमिशन देने से इनकार करने का आरोप लगाया। छात्रा का कहना है कि उसने दो महीने पहले कॉलेज के एक शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद अब उसे ही कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप- शिकायत के बाद कार्रवाई का भरोसा मिला
पीड़ित छात्रा के परिजनों का कहना है कि दो महीने पहले परीक्षा के दौरान कॉलेज के एक शिक्षक ने उनकी बेटी के साथ कथित तौर पर गलत हरकत की थी। इसकी शिकायत कॉलेज प्रिंसिपल से की गई थी। उनका दावा है कि प्रिंसिपल ने आरोपी शिक्षक को हटाने का आश्वासन दिया था और छात्रा के भविष्य का हवाला देकर मामला शांत करने की अपील की थी। अब जब छात्रा थर्ड ईयर में एडमिशन के लिए कॉलेज पहुंची तो उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने गेट तक बंद कर दिए, जिसके बाद उन्होंने अन्य छात्रों के साथ मिलकर धरना शुरू कर दिया।
पुलिस बोली- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रा महक शर्मा के एडमिशन को लेकर विवाद चल रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल ने पुलिस को बताया कि उच्च अधिकारियों की बैठक के चलते फिलहाल एडमिशन पर रोक लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि अब तक छात्रा के परिजनों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच की जाएगी।
छात्रा का दावा- टीचर पर कार्रवाई हुई, पर नहीं मिला इंसाफ
पीड़ित छात्रा महक शर्मा ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से कॉलेज में पढ़ रही है। उसके अनुसार, दो महीने पहले परीक्षा के दौरान सचिन नाम के एक शिक्षक ने उसके साथ कथित तौर पर गलत हरकत की थी। उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिन्होंने कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की।
छात्रा का आरोप है कि बाद में शिक्षक को कॉलेज से हटा दिया गया, लेकिन अब उसे ही थर्ड ईयर में एडमिशन नहीं दिया जा रहा। छात्रा ने दावा किया कि उसके माता-पिता एक दिन पहले करीब नौ घंटे तक कॉलेज में एडमिशन के लिए बैठे रहे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
छात्र संगठन ने भी किया समर्थन
खालसा कॉलेज के प्रधान लक्ष्य कपिला ने छात्रा के समर्थन में उतरते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान उसकी सीट बार-बार बदली गई और उसी दौरान कथित घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा को न्याय दिलाने के प्रयास में भी पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर छात्रा को जल्द एडमिशन दिलाने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान कॉलेज के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।