केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफे की खबर सामने आते ही CJP के प्रदर्शनकारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन की पहली बड़ी जीत है, लेकिन धरना अभी खत्म नहीं होगा क्योंकि संगठन की दो प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं।
अभिजीत दीपके ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में छात्रों की ओर से तीन मांगें और पांच सुझाव रखे गए थे। उनका कहना है कि सरकार ने फिलहाल केवल एक मांग मानी है।उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा 20 तारीख को हुए लाठीचार्ज के मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा, सचिन शर्मा समेत अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा और सभी लंबित मांगें पूरी होने तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से लोग आंदोलन की सफलता पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन का असर साफ दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब शनिवार सुबह दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि “मनमानी करके शक्ति के बल पर सबके मालिक नहीं बना जा सकता।” हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।